रांची : झारखंड को प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से समृद्ध राज्य माना जाता है, लेकिन यहाँ आर्थिक रूप से मजबूत लोगों की सूची केवल राजनेताओं तक सीमित नहीं है। हालिया आंकड़ों से यह सामने आया है कि राज्य कैडर के कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस सेवा अधिकारी भी भारी संपत्ति के स्वामी हैं। सरकार को सौंपे गए वार्षिक विवरणों में उनकी अचल संपत्तियों का मूल्य करोड़ों रुपये में दर्ज है, जिसने आम लोगों का ध्यान खींचा है।
उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, झारखंड कैडर के अनेक IAS अधिकारियों ने न सिर्फ राज्य के भीतर बल्कि देश के अन्य हिस्सों—जैसे दिल्ली, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल—में भी जमीन, मकान और फ्लैट खरीदे हैं। इनमें से कई संपत्तियाँ पारिवारिक पृष्ठभूमि, विरासत अथवा पूर्व निवेश से जुड़ी बताई जा रही हैं। पुलिस सेवा से जुड़े अधिकारियों की आर्थिक स्थिति भी कुछ कम नहीं है। कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम पर आवासीय भवन, व्यावसायिक परिसर, कृषि भूमि और अपार्टमेंट दर्ज हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक है।

कुछ अधिकारियों के पास महानगरों में स्थित महंगे फ्लैट और प्लॉट भी सूचीबद्ध हैं। नियमों के अनुसार, सभी अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों को हर साल अपनी चल-अचल संपत्ति की जानकारी सरकार को देना आवश्यक होता है। इसका मकसद व्यवस्था में खुलापन लाना और जवाबदेही बनाए रखना है। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तुत विवरणों की आंतरिक समीक्षा जारी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।




