रांची: झारखंड की राजनीति इन दिनों एक बार फिर सुर्खियों में है। राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारों सहीत चौक-चौराहों पर यह चर्चाए तेजी से चल रही है कि राज्य के राजनीतिक समीकरण कभी भी बदल सकता है। बीते कुछ दिनों से राज्य में सरकार बदलने की चर्चाएं बहुत तेजी से चल रही है। इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन की दिल्ली यात्रा और वहां बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात को केवल औपचारिक नहीं माना जा रहा है। इन मुलाकातों को लेकर अलग–अलग तरह के कयास और अटकलें लगाई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात पूरी तरह निजी और औपचारिक बताई जा रही है, लेकिन विपक्षी खेमे में इसे संभावित राजनीतिक बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है। खासकर भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कुछ दिग्गज नेताओं के साथ बातचीत की चर्चाएं और भी बल दे रही है।
राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर नजर डालें तो सरकार कई चुनौतीपूर्ण मुद्दों से जूझ रही है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई, केंद्र और राज्य के बीच अधिकारियों के लेकर खींचतान , और विपक्ष के लगातार हमले ने राजनीतिक तापमान को और ही बढ़ा दिया है। ऐसे में दिल्ली में हुई मुलाकात को राजनीतिक समीकरण में बदलाव की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। कुछ लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि झारखंड में सत्ता परिवर्तन कभी भी हो सकती है ।
वहीं, सत्तारूढ़ खेमे के नेताओं का कहना है कि यह सब महज अफवाहें हैं, जिनका जमीनी हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है। उनका तर्क है कि मुख्यमंत्री की दिल्ली यात्रा सरकारी और निजी दोनों कारणों से होती रहती है, और हर मुलाकात को राजनीतिक से जोड़ना ठीक नहीं है।
फिलहाल, झारखंड की राजनीति अटकलों और कयासों के दौर से गुजर रहा है। सत्ता परिवर्तन की बातें महज चर्चाए है या कुछ और।लेकिन इतना जरूर है कि राज्य की सियासत में हलचल तेज हो चुकी है, और आगे आने वाले कुछ दिन राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।






