Saraikela (संजीव मेहता) :आदित्यपुर स्थित इमली चौक में ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (AIUTUC) के बैनर तले चार नए श्रम संहिताओं(Four Labour Codes) के खिलाफ नुक्कड़ सभा के माध्यम से तीव्र विरोध किया गया. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मजदूर नेता विष्णु देव गिरी ने कहा कि नए कोड ‘पूंजीपतियों के हित’ में हैं और श्रमिकों के मौलिक अधिकारों को कमजोर करने वाले हैं.
उन्होंने श्रम कानून में निहित मजदूर विरोधी बिंदुओं को अपने वक्तव्य के माध्यम से मजदूरों के बीच रखा. नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए राज्य सचिव लिली दास ने कहा कि 300 श्रमिकों तक की कंपनियों को सरकारी अनुमति के बिना छंटनी करने की छूट देने से श्रमिकों की नौकरी की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है. हड़ताल पर जाने से पहले एक लंबी नोटिस अवधि (60 दिन) को अनिवार्य बनाने से श्रमिकों के पास विरोध का अंतिम हथियार भी छीन लिया गया है.

इस कानून से ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा मिलेगा. चूंकि नया श्रम कानून स्थायी नौकरियों को ठेके पर आधारित (Contractual) नौकरियों में बदलने की छूट देती हैं, जिससे सामाजिक सुरक्षा खत्म हो जाएगी.कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से बिपिन मंडल, विशाल बर्मन, आशीष धर, धनंजय सिंह, रणजीत ठाकुर, अशोक सिंह, गौतम महतो, राजू कुमार, नारायण गिरी आदि मजदूर साथियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.






