Saraikela (संजीव मेहता) : नवरात्र के तीसरे दिन फीता काटते ही प्रवीण सिंह स्मृति सेवा संस्थान के पंडाल में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी ने विधिवत उद्घाटन किया. इस मौके पर खरसावां के विधायक दशरथ गागराई, जुगसलाई मंगल कालिंदी, क्षत्रिय संघ के केंद्रीय अध्यक्ष शंभूनाथ सिंह आदि मौजूद रहे. सांसद जोबा मांझी ने कहा कि देश के अनमोल धरोहर और पौराणिक कलाओं को सहेजती एक संदेश देती भव्य पंडाल सभी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है. उन्होंने इस थीम आधारित पंडाल की जमकर तारीफ की. बता दें कि इस बार पौराणिक कलाओं का बेजोड़ नमूना के साथ 400 वर्ष पुराना उदयपुर के महल का निर्माण कराया गया है.
पंडाल की खासियत यह है कि इस वर्ष दिख रही है प्रवीण सिंह स्मृति सेवा संस्थान के दुर्गा पूजा पंडाल में. यहां राजस्थान की कला संस्कृति और खानपान का श्रद्धालु रसास्वादन भी कर सकेंगे. पंडाल निर्माण को अंतिम टच दिया जा रहा है, पंडाल का उद्घाटन 24 सितंबर तृतीया को संध्या 6 बजे होगी. बता दें कि उदयपुर की महल 400 साल पुरानी है. महल को महाराणा उदय सिंह की ओर से एक संत के कहने पर बनवाया गया था. आज भी भव्य महल को देखकर पर्यटक आश्चर्यचकित रह जाते हैं. इस महल का विकास मेवाड़ महाराजाओं के काल मे हुआ था. महल में फतह प्रकाश होटल का भी संचालन होता है. मेवाड़ का राज परिवार आज भी इस महल में निवास करता है. सालों से चली आ रही सभी परंपराओं का भी निर्वहन आज भी उसी तरीके से करता है. पंडाल में दुर्गा मां की मोहक मूरत में भी राजस्थान की झलक देखने को मिल रही है. पेंटिंग के माध्यम से भी श्रद्धालुओं को राजस्थान की गाथा को बताने की कोशिश की गई है. कुल मिलाकर पूजा पंडाल के भीतर और बाहर राजस्थान के इतिहास को समेटने का प्रयास किया गया है.

* पंडाल के भीतर है राजस्थानी नृत्य-गीत का मॉडल- पंडाल के भीतर की बात करें तो राजस्थानी गीत और नृत्य का मॉडल भी देखने को मिलेगा. श्रद्धालुओं को मॉडल का वेश-भूषा देखकर ही यह आभास होने लगेगा कि वे राजस्थान पहुंच गए हैं. राजस्थान की बात हो रही है और ऊंट का नाम नहीं आए, ऐसा कैसे हो सकता है. पूजा पंडाल के ठीक प्रवेश द्वार पर ही श्रद्धालुओं का स्वागत ऊंट करेगा. प्रवेश द्वार पर दो ऊंट का मॉडल बना हुआ है. यह देखने में बिल्कुल जीवंत लगता है.
* राजस्थान का गांव भी आएगा नजर- पूजा पंडाल के बाहरी गेट से भीतर प्रवेश करते समय ही राजस्थान का गांव श्रद्धालुओं को नजर आने लगेगी. गांव का किसान दिनभर मेहनत मजदूरी कर खटिया पर बैठा हुआ है. बगल में उसकी पत्नी बच्चे को गोद में लेकर पुचकार और खेला रही है.
* लाइटिंग का कोई जवाब नहीं- प्रवीण सेवा संस्थान की ओर से लाइटिंग की व्यवस्था बिल्कुल अलग तरह से की गई है. सड़क के ठीक किनारे बड़ा सा प्रवेश द्वार बनाया गया है. इसके अलावा भी रास्ते में बेहद आकर्षक लाइटिंग की गई है. इस पूजा पंडाल की लाइटिंग पिछले एक सप्ताह से लोगों को अपनी तरफ खींच रहा है. पूजा पंडाल की उंचाई 70 फीट है. इसका निर्माण बंगाल के मेचेदा पार्वती डेकोरेटर के अशोक कुमार डे की देख-रेख में किया गया है. ढाई माह से पूजा पंडाल का निर्माण कार्य चल रहा था. कोलकाता के मूर्तिकारों ने ही मां दुर्गा सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा को भी मूर्त रूप दिया है.
* पूजा कमेटी एक नजर में- प्रवीण सेवा संस्थान का संरक्षक पूर्व विधायक अरविंद सिंह उर्फ मलखान को बनाया गया है. इसी तरह से अध्यक्ष अंकुर सिंह को बनाया गया है. उपाध्यक्ष इंद्रजीत पांडेय और सचिव विनायक सिंह को बनाया गया है. इसके अलावा संयुक्त सचिव पंकज प्रसाद, कोषाध्यक्ष संजय कुमार सिंह और संयुक्त कोषाध्यक्ष रत्नेश प्रियदर्शी को बनाया गया है.



