Saraikela (संजीव मेहता) :
जिडको-जियाडा द्वारा होटल चाणक्य बीएनआर, राँची में आहूत कार्यक्रम में त्वरित औद्योगिक विकास हेतु रचनात्मक संवाद, प्रतिक्रिया आदान-प्रदान व संरेखण को सुगम बनाने पर आज चर्चा हुई है. आज राँची में आहूत बैठक में प्राथमिकता वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नीति परामर्श पर हितधारक बैठक की गई. यह जानकारी बैठक में मौजूद एसिया के अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने दी. उन्होंने बताया कि झारखंड की प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और आगामी औद्योगिक नीति सुधारों पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य-स्तरीय उद्योग नेताओं, निवेशकों, बुनियादी ढांचा भागीदारों और नीति हितधारकों को एक साथ लाने के उद्देश्य से आज की बैठक आहूत की गई थी.

इस बैठक में राज्य में त्वरित औद्योगिक विकास के लिए रचनात्मक संवाद, प्रतिक्रिया आदान-प्रदान और संरेखण को सुगम बनाने पर चर्चा की गई. वहीं कार्यान्वयन में आने वाली बाधाओं और कार्रवाई योग्य समाधानों की पहचान करने तथा उद्योग और सरकार के बीच विश्वास और सहयोग को मज़बूत करने की बात भी कही गई. कार्यक्रम में जिडको के प्रबन्ध निदेशक वरुण रंजन, उद्योग निदेशक विशाल सागर, उद्योग निदेशालय के सचिन गिद्ध तथा जियाडा के पंकज राय प्रमुख रुप से उपस्थित थे. जबकि स्वागत भाषण जियाडा, आदित्यपुर प्रक्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक प्रेमरंजन ने किया. कार्यक्रम में राँची में दवा निर्माण और संबद्ध क्षेत्रों के लिए राँची में उभरते केन्द्र के रुप में फॉर्मा पॉर्क, प्लॉस्टिक उत्पादों व पॉलिमर आधारित उद्योगों के लिए प्लॉस्टिक पॉर्क, देवघर के विशिष्ट कलस्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और घटक निर्माण के लिए ईएमसी, आदित्यपुर में उन्नत परिस्थितिकी तंत्र, झारखंड की डिजिटल अर्थव्यवस्था और आईटी/आईटीईएस विकास के लिए आईटी टावर, राँची की ऐतिहासिक परियोजना, वाणिज्यिक व्यापार, निवेश और उद्यम सहयोग के लिए वैश्विक प्रवेश द्वार विश्व व्यापार केन्द्र, राँची में आदिवासी हस्तशिल्प और जीआई-टैग उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक जीवंत खुदरा स्थान पीएम एकता मॉल, माल ढ़ुलाई, भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला दक्षता को सुव्यवस्थित करने के लिए लॉजिस्टिक्स पॉर्क, जबकि धनबाद के बहु मॉडल लॉजिस्टिक केन्द्र के संबंध में जानकारी दी गई.
वहीं, कार्यक्रम में औद्योगिक पार्कों के लिए आगामी भूमि आवंटन नीति-पारदर्शिता, निवेशकों की सुविधा और दीर्घकालिक परिसंपत्ति पर केन्द्रित सृजन, झारखंड औद्योगिक नीतियों के अंतर्गत प्रोत्साहन और सब्सिडी ढाँचा (लक्षित), लाभों की प्रभावशीलता, समावेशिता और सरलता में सुधार के लिए उद्योग जगत की प्रतिक्रिया पर विचार-मंथन भी हुआ.




