झारखंड उच्च न्यायालय ने रांची की जलधाराओं, विशेषकर बड़ा तालाब और हरमू नदी की स्वच्छता और संरक्षण पर स्वतः संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश माइकल रामचन्द्र राव की पीठ ने राज्य प्रशासन से इन जल निकायों की देखरेख और सफाई को लेकर जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 9 जून को निर्धारित है।
रांची नगर निगम के एलसीएन शाहदेव ने जानकारी दी कि 10-11 अप्रैल को हरमू नदी की सफाई प्रक्रिया चालू थी और यह कार्य नियमित रूप से होता है।

न्यायालय ने निगम को हलफनामे के माध्यम से कार्यों की पुष्टि करने का आदेश दिया। बड़े तालाब की गहराई में जमी सिल्ट हटाना अब भी चुनौती बना हुआ है। झारखंड सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि कतरूका ने बताया कि जब तक यह सिल्ट नहीं निकाली जाती, तालाब की पूर्ण सफाई संभव नहीं। राज्य ने कहा कि जुडको को यह कार्य सौंपा गया था, लेकिन उनके पास आवश्यक तकनीकी दक्षता नहीं है। इसके बाद यह जिम्मेदारी जल संसाधन विभाग को सौंपी गई। अदालत ने राज्य प्रशासन से तालाब और नदी के संरक्षण पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अभी तक कुछ क्षेत्रों से जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।




