Saraikela (संजीव मेहता) : आदित्यपुर समेत पूरे जिले में ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों भगवान भरोसे ही छोड़ दिया गया है. यह स्थिति सिग्नल लगने के बाद उत्पन्न हुई है. जिसके सहारे जिले वासियों को छोड़ दी गई है. सबसे व्यस्ततम आदित्यपुर के टोल ब्रिज मोड़ का सिग्नल करीब 15 दिनों से खराब पड़ा है. मोड़ में ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करने के लिए बनाई गई ट्रैफिक कंट्रोल रूम में ताला जड़ दिया गया है. ट्रैफिक व्यवस्था को देखने वाले इंस्पेक्टर को ट्रैफिक से कहीं ज्यादा चांडिल में रुचि है.

अन्य ट्रैफिक सिग्नल पर भी ट्रैफिक पुलिस केवल नाम के तैनात हैं, उन्हें ट्रैफिक व्यवस्था कंट्रोल करने में ज्यादा रुचि नहीं है. सिग्नल के बावजूद वाहन चालक अपनी इच्छा से रुकते हैं और सिग्नल तोड़ते हैं, उन्हें कोई रोकने टोकने वाला नहीं है. अब तो वाहन चेकिंग भी नहीं हो रही है ।जिससे रैश ड्राइविंग, ट्रिपल लोड, और नो एंट्री में भारी वाहनों का परिचालन बदस्तूर जारी है. ऐसी व्यवस्था में सड़क पर कभी भी कोई बड़ा हादसा संभव है. पिछले दिनों सिग्नल लगने के बाद डीसी एसपी औऱ ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने आम नागरिकों के साथ बैठक कर कई तरह के पॉइंट आउट किये थे ।जिसमें ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए कई निर्णय लिए गए थे ।लेकिन वह ठंडे बस्ते में चला गया है. जिले के लोग सड़कों पर भगवान भरोसे चलने को मजबूर हैं. दिनांक16 अप्रैल 2025 की दिन के 12: बजाकर 25 की यह ट्रैफिक कंट्रोल रूम आदित्यपुर टोल ब्रिज की तस्वीर है जिसमें ताला जड़ा हुआ है । काश: जिले के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत एक नज़र इधर ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर डालते ।




