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जमशेदपुर : आदिवासी आदिवासी एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त के माध्यम से झारखड सरकार के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंप कर मांग की है की झारखंड आदिवासी बहुल क्षेत्र होने एवम 8 वीं सूची में होने के बावजूद परीक्षा में ओल चिक्की लिपि को मान्यता नही दी गयी है। जबकि परीक्षा विज्ञप्ति में साफ़ शब्दो मे लिखा गया है कि परीक्षा सिर्फ देवनागरी और रोमन में ही लिखा जाना है। ऐसे में उर्दू बंगला और अन्य भाषा के परीक्षार्थी भी क्या इसी भाषा मे लिखित परीक्षा देंगे ।जो सरासर स्थानीय भाषा को सरकार ने नजरअंदाज की है ,अगर समय रहते इस नियम में बदलाव नही किया गया तो एसोसिएशन विरोध दर्ज करते हुए जोरदार आंदोलन करेगी।
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