रांची: राज्य में अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक टीम गठित किए गए हैं। परंतु कुछ जगहों पर सफलता हासिल कर प्रशासन अपनी पीठ थपथपाते रहती है। जब कि शहर से लेकर सुदुर ग्रामीण क्षेत्रों तक अवैध शराब के कारोबार का जाल बिछा हुआ है ,और खुलेआम हो रहे हैं। शराब कारोबार के कारण कई स्थानीय पुलिस थाना प्रभारीयो पर गाज भी गिर चुकी है । कुछ दिनों पूर्व विभागीय पदाधिकारीयो पर शो कॉज भी हुआ है। जिसमें स्थानीय प्रशासन के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्राप्त होता है। झारखंड में इसे रोकने के लिए आईजी अमोल होमकर वी को कमान मिलते ही अवैध शराब के खिलाफ छापामारी अभियान तेज हुई थी। परंतु अब उस रफ्तार में छापामारी और कार्रवाई नहीं दिख रहे हैं। पदाधिकारीयो के स्थानांतरण हुए ,पदाधिकारी प्रभार भी लिए, कुछ समय भी बीता, परंतु स्थिति जस की तस बनी हुई है। शराब के अवैध कारोबार कुटीर उद्योग के रूप लेते जा रहे हैं। कार्रवाई के नाम पर, कुछ जगहों पर छापामारी, कार्रवाई कर, उपलब्धि के नाम पर अपनी पीठ थपथपा लेते हैं। जिस रफ्तार से कार्रवाई होनी चाहिए, उस रफ्तार से दिखती नहीं।वही सरायकेला खरसावां जिला के उत्पाद विभाग का भी कमो बेस यही हाल है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के निर्देश पर पुलिस मुख्यालय द्वारा इसके लिए पुलिस की स्माल एक्शन टीम (सैट) को भी शामिल किया गया है।सैट के साथ संबंधित जिलों से एक इंस्पेक्टर व दो दारोगा भी रहेंगे। सैट का नियंत्रण पुलिस मुख्यालय में गठित कोषांग के अलावा सभी क्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षक के अधीन होगा।यह अभियान उत्पाद विभाग व पुलिस के समन्वय से चलेगा। ताकी हो रहे अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाया जा सके। जानकारी के लिए उत्पाद मध् निषेध विभाग झारखंड सरकार के सचिव से संपर्क किया गया। परंतु समाचार लिखे जाने तक संपर्क नहीं हो पाया।




