Saraikela (संजीव मेहता) : 2022 में बंद हुए बिहार राफिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड के 60 स्थायी मजदूरों को गुरुवार के दिन फाइनल सेटलमेंट मिला. मजदूरों को कोल्हान मजदूर यूनियन के प्रयास से फाइनल सेटलमेंट मिला है. मज़दूरों को फाइनल सेटलमेंट का चेक आज एमआईजी दुर्गा पूजा मैदान में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पूर्व विधायक अरविंद ने सौंपा. उन्होंने सभी मजदूरों को पैसे संभालकर ख़र्च करने की सलाह दी. बता दें कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के फेज 3 में स्थित बिहार राफिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और जमशेदपुर वेल्पक्ट इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सभी 60 स्थायी मजदूर फाइनल सेटलमेंट को लेकर आंदोलनरत थे.
मामला एनसीएलटी में अब भी विचाराधीन है. बता दें कि कोल्हान मजदूर यूनियन मजदूरों को हक़ दिलाने के लिए 2 साल तक लंबी लड़ाई लड़ी. अंततः 60 मजदूरों को आज फाइनल सेटलमेंट की राशि मिली. यूनियन के अध्यक्ष पूर्व विधायक अरविंद सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की कई कंपनी प्रबंधन मजदूरों का शोषण कर रही है. उन्होंने घोड़ाबांधा चौक के पास स्थित भारत रबड़ कंपनी का नाम लिया जिसके विरुद्ध उन्होंने यूनियन के बैनर तले आंदोलन छेड़ने की उन्होंने बताया कि बिहार राफिया कंपनी नवंबर 2022 में अचानक बंद हो गई थी. प्रबंधन ने 2 महीने का पेमेंट ले ऑफ के तहत दिया था.
जिसके बाद से प्रबंधन हाथ खड़े कर दिए थे. मजदूर खाने को मोहताज हो गए थे. कंपनी बंद होने के बाद मजदूर हमारे कोल्हान मजदूर यूनियन के शरण में आये थे. जिसके बाद यूनियन के प्रयास से आज प्रबंधन ने करीब 60 मजदूरों को फाइनल सेटलमेंट की राशि दी है. चेक देने के लिए प्रबंधन ने अपना प्रतिनिधि श्वेत अग्रवाल को भेजा था. इस मौके पर यूनियन के नेता बसंत कुमार, कंपनी के मजदूर
जानकी बेसरा, दुलारी उरांव, आरसु बेसरा आदि मौजूद रहे.