Saraikela (संजीव मेहता) : आदित्यपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने गुरुवार को विभिन्न नर्सिंग होमों में बीएनएसएस धारा से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम चलाया. उन्होंने शिवा नर्सिंग होम अस्पताल एवं आरोग्यम अस्पताल में बीएनएसएस के अंतर्गत मेडिकल जाँच से संबंधित धाराओं के बारे में स्वास्थ्य कर्मियों को बताया.
* क्या है धारा बीएनएसएस- भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यह एक कानून है जिसका मकसद, आपराधिक मामलों के लिए मौजूदा कानून यानी दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) को बदलना है. बीएनएसएस को 11 अगस्त, 2023 को लोकसभा में पेश किया गया था. बीएनएसएस की खास बातें यह है कि यह कानून, जमानत से जुड़े प्रावधानों में बदलाव करता है.
यह कानून, संपत्ति जब्ती के दायरे का विस्तार करता है.
यह कानून, पुलिस और मजिस्ट्रेट की शक्तियों में बदलाव करता है.
यह कानून, सात साल या उससे ज़्यादा की सज़ा वाले अपराधों के लिए फ़ोरेंसिक जांच को ज़रूरी करता है.
यह कानून, दलील देने की समय-सीमा तय करता है.
यह कानून, पहली बार अपराध करने वाले लोगों के लिए सज़ा कम करने का प्रावधान करता है. साथ ही यह कानून, विचाराधीन कैदियों को हिरासत में रखने की अधिकतम अवधि तय करता है. बीएनएसएस पारंपरिक सीआरपीसी ढांचे से कानूनी परिभाषाओं को बदलता है. यह आपराधिक न्यायशास्त्र के लिए एक ज़्यादा समकालीन, तकनीकी रूप से संरेखित, और सामाजिक रूप से ज़िम्मेदार दृष्टिकोण पेश करता है.