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रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उच्च न्यायालय से महत्वपूर्ण राहत प्राप्त हुई है। प्रवर्तन निदेशालय के समन का पालन न करने से संबंधित प्रकरण में अदालत ने उन्हें निचली अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से मुक्त कर दिया। न्यायमूर्ति अनिल चौधरी की पीठ ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे गुण-दोष के आधार पर निपटाया और निर्णय सुना दिया।
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इस आदेश के बाद उन्हें अब प्रत्येक तारीख पर स्वयं अदालत में पहुंचने की आवश्यकता नहीं रहेगी। उनकी ओर से महाधिवक्ता तथा अधिवक्ता दीपांकर राय ने पूरे मामले में अपना पक्ष मजबूती से रखा।न्यायालय का यह कदम मुख्यमंत्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उन्हें शासन और प्रशासनिक कार्यों के संचालन में अधिक सुविधा मिलेगी।





